
नई दिल्ली। पश्चिमी एशिया से भारत आ रहे एक जहाज को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में वापस लौटना पड़ा। बताया गया है कि एक भारतीय तेल टैंकर को होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से आगे बढऩे के खिलाफ चेतावनी दी गई, जिसके बाद जहाज पीछे हट गया।
एक रिपोर्ट में इसे भारतीय जहाज के सामने हुआ बड़ा गतिरोध बताया गया है, हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि चेतावनी किसने दी और किस तरीके से दी गई। इस घटना को लेकर क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों की ओर से भी अधिक जानकारी सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय तेल टैंकर कुछ समय पहले होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहा था, जिसे कुछ हलकों में ओमान गलियारा भी कहा जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जहाज को चेतावनी मिलने के बाद उसने आगे बढऩे का फैसला बदल दिया। यह भी बताया गया है कि पिछले 24 घंटों में होर्मुज के दक्षिणी मार्ग से कोई समुद्री यातायात नहीं देखा गया था। इस घटनाक्रम से स्पष्ट होता है कि चाहे जितने भी दावे किए जाएं, लेकिन होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और तनाव बरकरार है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक क्षेत्रीय शक्ति और ओमान होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं। हालिया बातचीत के बाद ओमान के विदेश मंत्री ने उम्मीद जताई थी कि जल्द ही होर्मुज के लिए एक अस्थायी गलियारा और सुरक्षित आवाजाही की व्यावहारिक व्यवस्था की घोषणा की जा सकती है। दोनों पक्षों के बीच अस्थायी साझा शिपिंग गलियारा बनाने और समुद्री रास्ते से माइंस हटाने जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई है।
एक क्षेत्रीय सैन्य इकाई की ओर से यह संकेत दिया गया था कि क्षेत्रीय शक्ति और ओमान होर्मुज के जलक्षेत्र और उससे होने वाली आय को लेकर एक सहमति पर पहुंच गए हैं। हालांकि, एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि यह समझौता अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है और बातचीत जारी है। इसका मतलब है कि एक तरफ से समझौते की दिशा में आगे बढऩे के संकेत दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ अंतिम समझौता होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। क्षेत्रीय शक्ति का कहना है कि सिर्फ ओमान के साथ समझौता होने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह नहीं खुलेगा।
Author: Jai Lok






