
तीन साल रोक और सख्त नियमों का प्रस्ताव
वॉशिंगटन। अमेरिका में विदेशी पेशेवरों के लिए सबसे अहम माने जाने वाले एच-1बी वीजा कार्यक्रम को लेकर नए बदलावों की तैयारी शुरू हो गई है। रिपब्लिकन सीनेटर टिम शीही ने एक विधेयक पेश किया है, जिसमें तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी करने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा वीजा प्रक्रिया को सख्त बनाने, विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति पर नए प्रतिबंध लगाने और अमेरिकी नागरिकों को प्राथमिकता देने जैसे कई प्रावधान शामिल किए गए हैं।
सीनेटर टिम शीही ने ‘एंड एच-1बी वीजा एब्यूज एक्ट-2026’ पेश करते हुए कहा कि एच-1बी कार्यक्रम का मूल उद्देश्य उन क्षेत्रों में विशेषज्ञ कर्मचारियों की कमी को पूरा करना था, जहां योग्य अमेरिकी कर्मचारी उपलब्ध नहीं थे। उनका आरोप है कि समय के साथ इस कार्यक्रम का इस्तेमाल कम लागत वाले विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए होने लगा है, जिससे अमेरिकी श्रमिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं। प्रस्तावित विधेयक के तहत यदि यह कानून बनता है तो तीन वर्षों तक नए एच-1बी वीजा जारी नहीं किए जाएंगे। इसके अलावा एच-1बी आवेदन पर एक लाख डॉलर शुल्क लगाने के प्रस्ताव को भी कानून का हिस्सा बनाने की बात कही गई है। यह शुल्क पहले प्रशासनिक स्तर पर प्रस्तावित किया गया था।
विधेयक में मौजूदा लॉटरी प्रणाली को खत्म कर वेतन आधारित चयन प्रक्रिया लागू करने का प्रस्ताव है। इसके तहत अधिक वेतन वाले और उच्च कौशल वाले पदों को प्राथमिकता दी जा सकती है। साथ ही एक कर्मचारी को एक साथ कई नियोक्ताओं के लिए काम करने और थर्ड-पार्टी स्टाफिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति पर रोक लगाने की बात कही गई है। प्रस्ताव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एच-1बी वीजा धारकों के लिए मौजूद डुअल इंटेंट व्यवस्था को समाप्त करना है। वर्तमान नियमों के तहत एच-1बी धारक अमेरिका में नौकरी करते हुए स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। नए प्रस्ताव में इस सुविधा को खत्म करने की बात कही गई है।
Author: Jai Lok






