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मेरे परिवार में कोई अनहोनी हुई तो कुलगुरु होंगे जिम्मेदार, कुलगुरु के गज़ब करनामें वर्तमान कर्मचारियों के साथ रिटायर्ड सहायक कुल सचिव भी परेशान

बेटी की शादी, पत्नी के इलाज के लिए अपने ही रिटायरमेंट का पैसा माँग- माँग कर थके

जबलपुर (जय लोक)। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलगुरु बनकर बैठे प्रोफेसर राजेश वर्मा विश्वविद्यालय की गरिमापूर्ण साख पर कलंक लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पूर्व के कुलपतियों और बाद में कुलगुरु बनकर विश्वविद्यालय की व्यवस्था संभालने आए जिम्मेदार लोगों ने विश्वविद्यालय के नाम को आगे बढ़ाने का काम किया। विश्वविद्यालय प्रशासन को सुचारू रूप से संचालित करने, शिक्षकों के हित में और छात्रों के हित पर आधारित कार्य प्रणाली को अपनाने का काम किया था। लेकिन वर्तमान में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में बैठे अयोग्य होने के आरोप झेल रहे कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा वर्तमान कर्मचारियों के लिए सरदर्द तो बने ही हुए हैं, उनकी परेशानियों का कारण भी बन गए हैं। साथ-साथ पूर्व के सेवानिवृत हो चुके अधिकारियों की भी परेशानियों का कारण बने हुए हैं। स्थिति इतनी खराब है कि विश्वविद्यालय में विषय कुछ और पढ़ाया जा रहा है और परीक्षा के समय प्रश्न पत्र किसी और विषय का दिया जा रहा है। बच्चों के परिणाम समय पर घोषित नहीं हो पा रहे हैं। विश्वविद्यालय के कर्मचारी छाती पीट पीटकर अपनी मांगों के लिए दुहाई मांग रहे हैं। कुलगुरु की नियमों के विरुद्ध हवाई यात्राएं चर्चाओं में हैं और भी अनेक ऐसे खर्चे हंै जो धीरे-धीरे खुलकर बाहर आ रहे हैं जो छात्रों से प्राप्त होने वाली फीस की राशि को मौज में उडऩे के साफ  संकेत दे रहे हैं।
विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को छिन्न-भिन्न करते हुए अब तो विश्वविद्यालय पर यह कलंक भी लग गया कि सेवानिवृत होने वाले अधिकारियों को अपने ही हक के पैसों के लिए दर-दर भटकना और भीख मांगने जैसे कार्य  करने की अनुभूति यह वर्तमान कुलगुरु राजेश वर्मा करवा रहे हैं। 18 दिनों से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय शैक्षणिक संघ के कर्मचारी कुलगुरु के कार्यालय के बाजू में प्रदर्शन कर रहे हैं यह वह लोग हैं जो विश्वविद्यालय के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं लेकिन लाखों रुपए किराए की गाड़ी में ऐश से घूमने वाले कुलगुरु को अपने कार्यालय के बाजू में बैठे लोगों की अपने संस्थान के सेवकों की पीड़ा नहीं दिख रही है। बातचीत से हल निकालने का कोई प्रयास नहीं हो रहा है बल्कि अपने गुंडानुमा कर्मचारियों को आगे कर मारपीट का तमाशा भी यह कुलगुरु करवा चुके हैं और विश्वविद्यालय के इतिहास में एक कलंक का टीका भी लगा चुके हैं।
पत्र कर रहा है पीड़ा को बयान
अब एक और कलंक का टीका इन्हीं अयोग्य होने के आरोप झेल रहे कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा के कारण विश्वविद्यालय की साख पर लगने जा रहा है। अभी हाल ही में 31 मार्च 2026 को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में सहायक कुल सचिव के पद पर रहते हुए अपनी सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत हुए अभय कांत मिश्रा का एक पत्र सामने आया है जो उन्होंने विगत दिवस विश्वविद्यालय प्रशासन के नाम लिखा है और साफ  तौर पर यह आरोप लगाया है कि कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा जानबूझकर सेवानिवृत्ति के बाद होने वाले उनके भुगतानों को नहीं होने दे रहे हैं।
ग्वालियर में रहने वाले पूर्व सहायक कुल सचिव अभय कांत मिश्रा ने अपने पत्र में लिखा है की सेवा निवृत्ति उपरांत प्रदान की जाने वाले भुगतान जिसमें उपादान, अवकाश नगदीकरण एवं अन्य राशियाँ शामिल हंै, जो 5 महीने सेवानिवृत होने के बावजूद भी उन्हें नहीं दी जा रही है। वर्तमान कुल सचिव के नाम से भेजे गए ऐसे पत्र में मांग की गई है कि 5 महीने की सेवानिवृत्ति के कार्यकाल के दौरान वे पांच बार आवेदन विश्वविद्यालय प्रशासन को दे चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पत्र में पूर्व सहायक कुल सचिव ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि उन्हें यह जानकारी मिली है कि कुलगुरु राजेश वर्मा के द्वारा मेरा भुगतान जानबूझकर किसी न किसी कारण से रोका जा रहा है साथ ही संबंधित कर्मचारियों पर पत्रावली नहीं बढऩे का दबाव बनाया जा रहा है। पत्र में उल्लेख है कि उनका पेंशन प्रकरण अभी तक शासन को प्रेषित नहीं किया गया है।
एक सेवानिवृत अधिकारी कुलगुरु की ऐसी हरकतों से मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होने के बाद अपनी शिकायत में इस बात का भी उल्लेख कर रहे हैं कि वे ना तो अपनी बेटी का विवाह कार्य आगे बढ़ा पा रहे हैं और ना ही अपनी पत्नी के स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए इलाज ठीक से कर पा रहे हैं।
पीडि़त पूर्व सहायक कुल सचिव ने पत्र में इस बात की भी चेतावनी दे दी है कि अगर कुलगुरु की हरकतों के कारण उनका रुका हुआ भुगतान 15 दिन के अंदर नहीं होता है तो मेरे परिवार में कोई अनहोनी हो जाने पर उसके जिम्मेदार कुलगुरु राजेश वर्मा पूर्ण रूप से होंगे। ऐसे कुलगुरु की असफल व्यवस्था और कुशल कार्य प्रणाली के कारण मध्य प्रदेश के गौरव में शामिल रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की गरिमा को पहुंच रही ठेस और हो रही बदनामी की भरपाई लंबे समय तक नहीं हो पाएगी।
परीक्षा में थमा दिया अलग पेपर
रादुविवि का एक और कारनामा सामने आया है जिसको लेकर छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है। यहां बीकॉम प्रथम वर्ष के छात्रों ने परीक्षा में सिलेबस से अलग प्रश्रपत्र आने को लेकर नाराजगी जताई है। छात्रों का आरोप है कि विवि प्रशासन की लापरवाही के कारण उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। छात्र ने बताया कि साल भर बिजनेस इकोनॉमिक्स विषय पढ़ाया गया लेकिन परीक्षा के दिन बिजनेस इकोनॉमिक्स ऑब्जर्वेशन बिहेवियर का प्रश्नपत्र थमा दिया गया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से गलत सिलेबस का पेपर थमा दिया गया है। इसके साथ ही परीक्षा के दिन विभाग के विभागध्यक्ष ने पुन:परीक्षा कराने का आश्वासन दिया लेकिन सभी छात्रों को सप्लीमेंट्री परीक्षा देने के लिए कहा गया है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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