
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के प्रयासों से ग्रीनफील्ड सडक़ कोरिडोर्स की 1.05 लाख करोड़ की परियोजना स्वीकृत
जबलपुर/भोपाल (जयलोक)। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जबलपुर को देश के प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक साथ कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। आने वाले समय में जबलपुर को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों से जोडऩे वाले नए कॉरिडोर विकसित होंगे। इन सभी कॉरिडोर को जबलपुर की निर्माणाधीन रिंग रोड से जोडक़र एक ऐसा मजबूत सडक़ नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो जबलपुर को राष्ट्रीय स्तर पर परिवहन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की क्षमता रखता है।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर-वाराणसी मार्ग से जबलपुर को वाराणसी और प्रयागराज से सीधा संपर्क मिलेगा। जबलपुर-नागपुर मार्ग के माध्यम से जबलपुर समृद्धि महामार्ग (नागपुर-मुंबई) से जुड़ जाएगा और मुंबई, पुणे और गोवा के लिए सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। जबलपुर-भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जबलपुर, भोपाल और इंदौर एक मजबूत नेटवर्क में जुड़ेंगे और जबलपुर को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।
कई प्रदेशों से सीधे जुड़ेगा जबलपुर
मंत्री श्री सिंह ने बताया कि जबलपुर-सागर-अशोकनगर फोरलेन मार्ग एवं सागर-कोटा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के माध्यम से जबलपुर को कोटा, जयपुर, उदयपुर तथा राजस्थान और गुजरात के प्रमुख क्षेत्रों से बेहतर संपर्क मिलेगा।
इसी प्रकार जबलपुर-मंडला-चिल्पी-रायपुर फोरलेन मार्ग तथा जबलपुर-धूमा-रायपुर ग्रीनफील्ड मार्ग से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सीधा जुड़ाव मजबूत होगा। इन सभी मार्गों को जबलपुर रिंग रोड के माध्यम से आपस में जोडक़र हमारा प्रयास है कि जबलपुर को उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा के यातायात का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। मंत्री श्री सिंह ने यह भी बताया की लोक निर्माण विभाग के तहत सडक़ विकास निगम करेगा इनमे से अनेक सडक़ों का निर्माण पर निर्भरता नहीं रहेगी।

विजन 2047 में शामिल वाराणसी विशाखापट्टनम कॉरिडोर
लोक निर्माण मंत्री ने आगे बताया कि वाराणसी-विशाखापट्टनम कॉरिडोर को विकसित भारत के विजन 2047 में शामिल किया गया है। इस लंबी दूरी के महत्वपूर्ण कॉरिडोर के प्रथम चरण में वाराणसी से नागपुर तक कनेक्टिविटी विकसित करने की तैयारी प्रारंभ हो गई है। प्रस्तावित वाराणसी-नागपुर मार्ग जबलपुर से होकर गुजरेगा।

जबलपुर पश्चिमी भारत से भी जुड़ेगा
जबलपुर को पश्चिमी भारत से जोडऩे के लिए सागर-कोटा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की कार्ययोजना में शामिल है। इसके साथ जबलपुर-सागर मार्ग को फोरलेन करने की दिशा में भी तैयारी की जा रही है। इस नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी होगा कि जबलपुर उत्तर-दक्षिण दिशा में विकसित हो रहे राष्ट्रीय सडक़ नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ सकेगा। इससे दिल्ली सहित उत्तर भारत की ओर जाने वाले यातायात के लिए भी बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।


जबलपुर-भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
जबलपुर को मध्य प्रदेश के दो प्रमुख आर्थिक केंद्रों भोपाल और इंदौर से जोडऩे के लिए जबलपुर-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की योजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत जबलपुर से भोपाल तक का मार्ग मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम द्वारा तथा भोपाल से इंदौर तक का मार्ग विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इंदौर और उज्जैन के माध्यम से जबलपुर को दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नेटवर्क से भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इससे जबलपुर और महाकौशल क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने तथा उद्योगों के लिए बड़े बाजारों तक पहुंच आसान बनाने का अवसर मिलेगा।
रिंग रोड हर दिशा से जुड़ेगी
उन्होंने कहा कि जबलपुर में रिंग रोड और विभिन्न दिशाओं से आने वाले कॉरिडोर के मिलने से भविष्य में बड़े लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट टर्मिनल, कृषि-प्रसंस्करण केंद्र और औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
Author: Jai Lok





