
जबलपुर-भोपाल-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए बनेगी कंपनी
भोपाल/जबलपुर (जयलोक)। जबलपुर और महाकोशल में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार जबलपुर-भोपाल-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर के विकास के लिए विशेष कंपनी गठित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद ने बुधवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। कंपनी के माध्यम से कॉरिडोर के आसपास औद्योगिक क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास, निवेश आकर्षित करने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम होगा। लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इस परियोजना से न केवल जबलपुर बल्कि पूर्ण महाकौशल के प्रगति के द्वार खुल जायेंगे। 28 सितम्बर को जबलपुर के उद्योगपतियों के द्वारा मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान औद्योगिक विकास की मांग की गई थी। विशेष कंपनी का गठन इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्वता को दर्शाता है। इस परियोजना से जबलपुर को लाजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेगी। इसके निर्माण से जबलपुर और आसपास के कृषकों को कृषि उत्पादों के लिए दो बड़े बाजारों तक पहुंचने की हर सुविधा मिलेगी।
प्रस्तावित कंपनी का नाम जबलपुर-भोपाल-इंदौर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड होगा। यह पूरी तरह राज्य शासन के स्वामित्व में रहेगी। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर 100 करोड़ रुपये की पूंजी और 20 करोड़ रुपये की ब्याज मुक्त कार्यशील पूंजी का प्रविधान किया गया है। कंपनी में मास्टर प्लानिंग, भूमि, इंजीनियरिंग, वित्त, विधि, निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी से जुड़ी विशेषज्ञ इकाइयां बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री कंपनी की गवर्निंग काउंसिल के अध्यक्ष होंगे। कंपनी की कार्यकारी इकाई का नेतृत्व मुख्यमंत्री द्वारा नामित उपाध्यक्ष करेंगे।
सात जिलों में पांच आर्थिक क्लस्टर की योजना- कॉरिडोर के अंतर्गत सात जिलों में पांच संभावित आर्थिक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इनके स्थान और स्वरूप का निर्धारण भूमि की उपलब्धता, बिजली-पानी, पर्यावरण, सडक़ संपर्क, बाजार की मांग और निवेशकों की रुचि के तकनीकी अध्ययन के आधार पर होगा। अगले चरण में भूमि की उपलब्धता का आकलन, संभावित औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान, मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किए जाएंगे। इसके बाद आवश्यक स्वीकृतियों और वित्तीय व्यवस्था पर काम होगा।
रक्षा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा बेहतर परिवहन
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि 28 सितंबर को जबलपुर के उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर औद्योगिक विकास के मुद्दे उठाए थे। विशेष कंपनी के गठन की मंजूरी जबलपुर के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जबलपुर में निर्माणाधीन रिंग रोड और भोपाल-इंदौर से बेहतर सडक़ संपर्क मिलने पर जबलपुर को लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। जबलपुर में संचालित रक्षा क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से मशीनरी, कल-पुर्जों और अन्य जरूरी सामग्री की आवाजाही आसान हो सकती है। भोपाल और इंदौर के रास्ते गुजरात के बंदरगाहों से संपर्क बेहतर होने पर आपूर्ति व्यवस्था को भी लाभ मिलने की संभावना है।





