
जबलपुर (जयलोक)। लंबे अरसे से विवादों में बना शहर का श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज एक बार फिर गंभीर आरोपों के दायरे में प्रशासनिक कार्रवाही की जद में नजर आ रहा है। कॉलेज प्रबंधन और संचालकों पर लगे आरोपों से उनकी परेशानियाँ बढ़ती नजर आ रही हैं। आएदिन नई शिकायतें सामने आ रही हैं जिनमें गबन, शोषण, शासकीय नियमों की अव्हेलना आदि बातें शामिल हैं। नवगत कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के समक्ष भी रेवा शिक्षा समिति के द्वारा संचालित श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज की सभी अनियमितताओं को रखा जाएगा। पूर्व के कलेक्टर के द्वारा एसडीएम अधारताल के नेतृत्व मेंं जाँच कमेटी बनाई गई थी। जिसकी जाँच रिपोर्ट जमा होना बाकी है। उक्त जाँच रिपोर्ट में भी कॉलेज प्रबंधन की कई लापरवाहियाँ उजागर हुई हैं। जिसके संबंध में कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। समिति के सामने बहुत सारे ऐसे नए बिंदु सामने आए हैं जो कॉलेज प्रबंधन के द्वारा जाँच के दौरान जानबूझकर छुपाए गए थे।
संचालक भी हैं घोटाले में शामिल
शिकायतकर्ता एमपीएसयू संगठन का कहना है कि छात्र-छात्राओं के साथ किए गए 58 लाख रूपये के फीस घोटाले में केवल वित्त शाखा कर्मचारी ही शामिल नहीं हैं बल्कि उनके साथ कॉलेज के डायरेक्टर आरके करसौलिया सहित अन्य लोग भी शामिल हैं और इन सबके खिलाफ पूर्ण जाँच के बाद छात्रों के साथ धोखाधड़ी का अपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। इसके साथ ही आरके करसौलिया पर लगे गंभीर आरोपों की भी निष्पक्षता से जाँच होनी चाहिए। शिकायकर्ता का कहना है कि कॉलेज में कई ऐसे कर्मचारी मौजूद हैं जो प्रबंधकों के शोषण के शिकार है लेकिन भय के कारण सामने नहीं आ पा रहे हैं। इसके अलावा छात्र हितों के लिए नियम कानून और फीस से संबंधित कई अनियमितताएं श्रीराम इंजीनियरिंग कॉलेज में सामने आ रही हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वे संचालकों के घिनौने कृत्यों का खुलासा भी जल्द प्रशासन के समक्ष करेंगे ताकि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाही हो सके।





