
मझौली में हुए हादसे के बाद हर बिंदु पर जाँच कर सख्त नियम बनाने की उठी माँग
जबलपुर (जयलोक)। मझौली में हुए दुर्गा विसर्जन के दौरान करंट लगने के हादसे में गई दो लोगों की जान और 8 लोगों का जीवन से संघर्ष सबके दिमाग में ताजा घटना के रूप में दर्ज है। प्रथम दृष्टया सभी ने बिजली विभाग की लापरवाही और अव्यवस्था को इसके लिए दोषी माना है। बातें बाद में यह भी उठी की शांति समिति की बैठक के दौरान लोगों के द्वारा इस बात की आपत्ति बैठक में दर्ज करवाई गई थी कि वहां पर जो हाई टेंशन की लाइन है उसे ऊपर किया जाए। लेकिन समय रहते किसी ने सुनवाई नहीं की इसलिए यह हादसा हुआ।
लेकिन हादसा सिर्फ एक वजह से नहीं हुआ बल्कि उसकी दूसरी एक और बड़ी वजह भी निकलकर सामने आई है वह दुर्गा समितियों के बीच में बड़ी से बड़ी ऊंची प्रतिमा रखने की होड़। इस होड़ के कारण सामान्य रूप से प्रतिमाओं को इतना ऊंचा कर दिया जाता है कि वह रथ या वाहन पर रखने के बाद 19 से 20 फुट तक की ऊंचाई को छूने लगती है।
बिजली विभाग के द्वारा जो तार हाई टेंशन के या अन्य एक खबे से दूसरे खंबे तक लगाए जाते हैं उसकी मानक हाइट 18 फुट या उससे ऊपर होनी चाहिए ऐसी स्थिति में जब ऊंची ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की होड़ नियमों को ताक पर रख देती है विसर्जन जुलूस के दौरान तारों के बीच दौड़ते तेज करंट को मौत के रूप में अपनी ओर आकर्षित करती है।
शांति समिति की बैठक में ही हर साल प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि सबकी मौजूदगी में इस बात का संज्ञान लेकर सभी को समझाइश देते हैं कि ऊंची प्रतिमाएं न रखकर एक निश्चित हाइट की प्रतिमा स्थापित की जाए। गणपति जी हों या दुर्गा उत्सव धार्मिक भाव से स्थापित प्रतिमाओं की धूमधाम से आराधना, पूजा पाठ सब किया जाए।
एक निश्चित हाइट की प्रतिमा स्थापित होने के कई लाभ हैं। समिति संचालकों के समक्ष प्रतिमा को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने उसे झांकियां के बीच में सजाने के लिए स्थापित करना आसान होता है। पूजा पाठ विधि विधान से संपन्न होता है। विसर्जन के दौरान भी निश्चित हाइट की प्रतिमाओं को वहां पर ले जाना आसान होता है और विसर्जन भी गरिमामय तरीके से संपन्न होता है।
निश्चित रूप से मझौली की यह घटना बहुत ही दुखद है। प्रिंस और विकास की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है विशेष रूप से इन दोनों परिवारों पर बड़ा वज्रपात हुआ है और इनका नुकसान किसी हाल में नहीं भरा जा सकता। लेकिन भविष्य में ऐसे परिवार बर्बाद ना हों सिर्फ ऐसी लापरवाही के कारण किसी की जान ना जाए इसके लिए इस घटना से सबक लेकर भविष्य के लिए बड़े निर्णय प्रतिमा की ऊंचाई विद्युत विभाग द्वारा विसर्जन के 10 दिन पहले हर संभावित विसर्जन स्थल के आसपास बिजली के तारों का समय रहते निरीक्षण और सुधार कार्य सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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