
दोस्त के नकली हस्ताक्षर कर कई लोगों को टुकड़े में ज़मीन बेचने के आरोप आरोपी के अधिवक्ता ने कहा तथ्य छिपाकर की कई एफआईआर
जबलपुर (जयलोक)। बरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक भूमि के विक्रय विवाद के संबंध में कांग्रेस नेता सदर निवासी मनीष चांसोरिया के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के मामले में नया मोड़ आ गया है। अब इस मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ भी काउंटर प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की गई है। पीडि़त पक्ष के वकील इंद्रजीत यादव का कहना है कि पुलिस के समक्ष न्यायालीन तथ्यों को छुपाते हुए एवं गलत जानकारी के सहारे यह एफआईआर दर्ज करवाई गई है।

बरेला पुलिस के अनुसार यह मामला गोरखपुर इसाई मोहल्ला निवासी हरविंदर सिंह बिंद्रा की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया है कि मनीष चांसोरिया और वे मित्र हैं और हरविंदर सिंह, बृजेश जैन एवं मनीष चंसौरिया ने साझेदारी में ग्राम गौरैया तहसील रांझी में 0.445 हेक्टेयर भूमि खरीदी थी। हरविंदर सिंह बिंद्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि मनीष चांसोरिया ने हरविंदर के फर्जी हस्ताक्षर किए और उसकी जानकारी के बिना उक्त जमीन कई हिस्सों में अलग-अलग लोगों को बेच दी है।
शिकायत में हरविंदर सिंह ने पुलिस को बताया कि पूर्व में उन्होंने न्यायालय में एक वाद पेश किया था जिसके आधार पर न्यायालय के द्वारा जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी गई थी लेकिन इसके बाद भी जमीनों के कई हिस्से कर बेचे गए हैं। उक्त भूमि विवाद से संबंधित अन्य मामले भी न्यायालय में विचाराधीन है।

वहीं इस मामले में आरोपी बनाए गए मनीष चंसौरिया के अधिवक्ता इंद्रजीत यादव का कहना है कि उनके मुवक्किल के खिलाफ न्यायालय के प्रकरणों के तथ्यों को छुपाते हुए गलत जानकारी देकर प्रकरण दर्ज करवाया गया है। 2011 से लेकर 2014 के बीच में इस मामले से जुड़े परिवाद को न्यायालय द्वारा खारिज किया जा चुका है।
पुलिस ने बिना जांच किये और बिना उनका पक्ष जाने बिना बयान लिए सीधे एफआईआर दर्ज की है। इसके विरोध में आज वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिलकर एवं थाने स्तर पर भी अपना पक्ष मजबूती से रखा जाएगा और सभी तथ्य बताए जाएंगे कि भ्रामक जानकारी देकर यह मामला दर्ज कराया गया है।
भूमि के क्रय विक्रय को लेकर यह विवाद अब चर्चाओंं में बना हुआ है पुलिस के समक्ष दूसरा पक्ष अपनी विस्तृत बात रख साक्ष्य प्रस्तुत करेगा जिसके आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई का निर्धारण करेगी।

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Author: Jai Lok






