
कई घरों में लगी आग, एक ही रात में 50 परिवार आए सडक़ पर, देर रात मची अफरातफरी
जबलपुर (जय लोक)। शुक्रवार-शनिवार की रात गाजी नगर झुग्गी बस्ती में रहने वाले लोगों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। यहां देर रात भडक़ी आग ने 50 परिवारों को सडक़ पर ला दिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 50 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक हो गर्ईं। आग की चपेट में आने से गरीब और मजदूर परिवारों का घर-गृहस्थी का पूरा सामान जल गया। आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
महिला ने बताया हाल
बस्ती में रहने वाली अख्तरी बी ने बताया कि वह अपाहिज हैं और देर रात जब बस्ती में आग लगी तब वे सो रही थीं। अचानक से परिवार के लोगों ने उन्हें उठाया और उनसे कहा कि, यहां से तुरंत निकलो क्योंकि पीछे बस्ती में आग लग चुकी है। हम नंगे पैर भागे, यहां तक अपना सामान निकालने का भी मौका नहीं मिला। अख्तरी बी का कहना है कि वे भीख मांगती हैं, लेकिन उनकी झोपड़ी में राशन था, मोबाइल थे कुछ नगद पैसा था और बाकी गृहस्थी का सामान था जो आग में पूरा जल गया।
आगजनी में 50 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक
पूर्व पार्षद ताहिर अली ने बताया कि देर रात लगभग 2:30 बजे उन्हें इस बात की सूचना मिली कि बस्ती में आग लग गई है। वे अपने साथियों के साथ बस्ती में पहुंचे और उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को जानकारी दी। लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड आती तब तक 50 से ज्यादा झुकिया जल चुकी थी, आग की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने नगर निगम और फायर ब्रिगेड को सूचना देकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस के मुताबिक एमपीईबी के माध्यम से इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद कराई गई, ताकि आग के दौरान कोई दूसरा हादसा न हो।
आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को झूटा पसीना
फायर ब्रिगेड कर्मियों का कहना है कि पुलिस कंट्रोल रूम से गाजीनगर की झुग्गी बस्ती में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद तत्काल दमकल वाहन रवाना किए गए, मौके पर 10 से 12 दमकल वाहनों को लगाया गया। पानी के टैंकर लगातार पहुंचाए जाते रहे और खाली होने वाले वाहनों को दोबारा भरकर आग बुझाने के काम में लगाया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि सुबह तक धुआ उठता रहा।
40 साल से रह रहे हैं परिवार
इधर स्थानीय लोगों ने नगर निगम और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस बस्ती में करीब 350 झुग्गियां हैं और लोग पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय से यहां रह रहे हैं। क्षेत्र में पहले भी सात से आठ बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं, कुछ दिन पहले गाजीमियां मैदान में भी आग लगी थी। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली व्यवस्था और नगर निगम की लापरवाही के कारण बार-बार ऐसे हादसे हो रहे हैं। फिलहाल आग से हुए कुल नुकसान का आंकलन किया जाना बाकी है।
350 परिवारों की है बस्ती
बताया जा रहा है कि गाजी नगर बस्ती में 350 से ज्यादा झुग्गियाँ हैं। सभी झुग्गियाँ एक दूसरे से सटी हुई हैं। जिसके कारण आग तेजी से फैली।
घटना के दौरान लोग अपनी झुग्गियों से सामान निकालने और सुरक्षित जगह पहुंचने की कोशिश में लगे थे। संकरी गलियों और एक-दूसरे से सटी झोपडिय़ों के बीच दमकल कर्मियों के सामने आग बुझाना एक बड़ी चुनौती बन गया था। झुग्गियों के जलने से प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित परिवारों को राहत की जरूरत
इस घटना में कई परिवारों का घरेलू सामान और जरूरी वस्तुएं जलकर नष्ट हो गई हैं। अग्निकांड के बाद प्रभावित लोगों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन, कपड़े और अस्थायी आवास उपलब्ध कराने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से राहत और नुकसान के आंकलन को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।






