
जबलपुर (जय लोक)। विजय नगर स्थित श्री साई हॉस्पिटल में कथित रूप से नाबालिग बालिका का बिना आवश्यक आयु सत्यापन एवं वैधानिक प्रक्रिया का पालन किए प्रसव कराने तथा गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर उक्त गंभीर आरोप की शिकायत सौंपी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाही नहीं हुई।

यह है मामला
8 जुलाई को थाना प्रभारी विजयनगर को शिकायत भी दी गई थी जिसमें बताया गया था कि एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को श्री साई हॉस्पिटल में भर्ती कर उसका प्रसव कराया गया है। जिसमें अस्पताल द्वारा बालिका की आयु से संबंधित कोई प्रमाणित दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड अथवा अन्य पहचान पत्र, अभिलेखों में उपलब्ध नहीं पाए गए। अस्पताल द्वारा बालिका के परिजनों एवं कथित पति से भी आयु एवं पहचान संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त नहीं किए गए। उपचार संबंधी फाइल में परिजनों से एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए जाने की जानकारी मिली, जो अत्यंत गंभीर एवं जांच का विषय है।

4 दिनों से थी अस्पताल में भर्ती
शिकायतकर्ता अश्वनी तिवारी ने बताया कि नाबालिग को लगभग चार दिनों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया, परंतु यदि वह वास्तव में नाबालिग थी तो अस्पताल में संबंधित पुलिस थाना एवं अन्य सक्षम प्राधिकारी को आवश्यक सूचना दिए जाने का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध क्यों नहीं मिला। शिकातयकर्ता का कहना है कि जब इस संबंध में अस्पताल प्रशासन से जानकारी माँगी गई और आपत्ति दर्ज कराई गई, तब कथित रूप से बिना पर्याप्त जानकारी दिए बालिका को शीघ्र डिस्चार्ज कर दिया गया, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न होती है।
अस्पताल की संरचना एवं संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में भी कई अनियमितताएं प्रथम दृष्टया दिखाई दीं, जिनकी वैधानिक जांच कराया जाना आवश्यक माना जा रहा है।


कम उम्र में हुआ विवाह
शिकातयकर्ता ने बताया कि बालिका के कथित पति ने बातचीत में बताया कि उनका विवाह 28 जून को हुआ है। ऐसी स्थिति में संपूर्ण घटनाक्रम की निष्पक्ष जाँच आवश्यक प्रतीत होती है। यह भी सूचना प्राप्त हुई है कि बालिका के गर्भवती होने के संबंध में गंभीर आपराधिक परिस्थितियां हो सकती हैं। इस संबंध में उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच किया जाना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी प्रकार का यौन अपराध या नाबालिग के साथ अपराध घटित हुआ है, तो संबंधित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल कार्रवाई की जाना चाहिए।
शिकायतकर्ता ने की माँग
एसपी को दी गई शिकायत में शिकायतकर्ता अश्विनी तिवारी ने कहा कि नाबालिग के भर्ती, प्रसव एवं डिस्चार्ज से संबंधित समस्त मूल अभिलेख, रजिस्टर, सहमति पत्र, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य दस्तावेज तत्काल जब्त किए जाएं। यह जांच की जाए कि अस्पताल द्वारा नाबालिग बालिका के संबंध में प्रचलित कानूनों, चिकित्सा नियमों एवं अनिवार्य रिर्पोट संबंधी प्रावधानों का पालन किया गया अथवा नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही, दस्तावेजों में अनियमितता, साक्ष्य छिपाने अथवा अन्य विधि-विरुद्ध कृत्य पाए जाते हैं, तो अस्पताल संचालक, संबंधित चिकित्सकों एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता तथा अन्य लागू विधिक प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर कठोर कार्रवाई की जाए। अस्पताल की वैधानिक मान्यता, पंजीयन, आधारभूत संरचना एवं संचालन की भी सक्षम अधिकारियों से जांच कराने की मांग भी शिकायतकत्र्ता द्वारा की गई है।
अस्पताल का पक्ष नहीं आया सामने
पुलिस अधीक्षक के कार्यालय तक पहुँच गई इस गंभीर शिकायत के बारे में साईं अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनका पक्ष सामने नहीं आया है। लगाए गए आरोप बहुत गंभीर हैं और इनमें अगर सत्यता पाई जाती है तो कड़ी कानूनी कार्रवाही के तहत अस्पताल का लायसेंस निरस्त भी हो सकता है और अस्पताल सील भी हो सकता है।
Author: Jai Lok





