Download Our App

Home » Uncategorized » अब सडक़ बनाने वाले ठेकदार के साथ अनुमति देने वाले अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी

अब सडक़ बनाने वाले ठेकदार के साथ अनुमति देने वाले अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी

पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कसा सख्ती का शिकंजा

परितोष वर्मा
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अपनी कार्यप्रणाली को और बेहतर एवं पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने वाले लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने अपने ही विभाग के अंतर्गत चल रही कार्य प्रणाली के दायरे को और सख्त बनाने का निर्णय लिया है। लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जयलोक को बताया कि इस निर्णय से संबंधित आदेश विगत अगस्त माह में जारी हो चुका है।
मुख्य बात यह है कि अब केवल लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले सडक़ निर्माण या फिर बड़े भवन निर्माण के संबंध में जिम्मेदारी केवल ठेकेदार की तय नहीं होगी। इसके साथ साथ लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कार्य रही विभिन्न समितियां के जिम्मेदार अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होगी। जो ठेकेदार के तकनीकी, आर्थिक, और अनुबंध की शर्तों पर अपनी सहमति के साथ अनुशंसा प्रदान करते हैं। यह बहुप्रतीक्षित कार्यवाही का निर्णय है, क्योंकि अभी तक जो परिपाटी चली आ रही थी उसके अनुसार किसी भी प्रकार के घटिया निर्माण या फिर गुणवत्ता विहीन निर्माण के खुलासे के बाद अधिकांश मामलों में संबंधित ठेकेदार और निचले स्तर के इंजीनियरों पर कार्यवाही की गाज गिर जाती थी।

लोक निर्माण का कार्य सबसे बेहतर
मध्य प्रदेश सरकार समय समय पर अपने विभागों की समीक्षा करती रहती है। वर्तमान स्थिति में मध्य प्रदेश के सभी विभागों के बीच में लोक निर्माण विभाग सबसे बेहतर स्थिति में कार्य करते हुए नजर आ रहा है। भविष्य की जरूरत को आधार बनाकर जो परिकल्पना के साथ बड़े कार्य
क्रियान्वित किया जा रहे हैं ऐसे चल रहे कार्यों से लोगों को कुछ परेशानी भी उठाना पड़ रही है  लेकिन भविष्य में ऐसे कार्य मध्य प्रदेश की तस्वीर बदलने का काम करेंगे। जय लोक से चर्चा के दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह खुद भी सार्वजनिक रूप से इस बात को समझाने के लिए उदाहरण स्वरूप कहते हैं मध्य प्रदेश में लोक निर्माण का कार्य प्रसव के पूर्व की पीड़ा के समान है। जिस प्रकार 9 माह तक माता प्रसव पीड़ा बर्दाश्त करती है और एक नवजात का जन्म होता है तो हर तरफ  खुशियां ही खुशियां हो जाती हैं। इस प्रकार से प्रदेश का लोक निमाज़्ण विभाग भी जब नई सडक़ों का नए भवनों का सृजन करना शुरू करता है तो शुरुआती दौर में कुछ समय के लिए यह कार्य सामान्य जनता के लिए पीड़ा दायक हो सकता है। लेकिन जैसे ही यह कार्य पूर्ण होता है उस नई सडक़ की सौगात उस क्षेत्र की उन्नति और प्रगति की खुशियों के मार्ग खोल देती है।

जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ाना जरूरी
अगस्त माह में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के बाद मंत्री राकेश सिंह ने अपने अनुभव के आधार पर इस बात की आवश्यकता समझी कि व्यवस्था में जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ाने की जरूरत है। अभी तक की सामान्य प्रक्रिया में यह होता आया था कि ठेकेदारी प्रथा में अधिकारियों के द्वारा केवल उनके कार्यों के प्रति अपनी राय प्रकट कर उनकी जिम्मेदारियां की इतिश्री हो जाती थी और वे जिम्मेदारियां से बरी माने जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मंत्री राकेश सिंह ने हर स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां का दायरा बढ़ा भी दिया है और कसाव भी ला दिया है।अब चाहे तकनीकी समिति हो, आर्थिक स्तर की समिति हो, मुख्य अभियंता स्तर की समिति हो जिसने भी अपने दायरे के अनुरूप कार्य से संबंधित अनुशंसा की है और भविष्य में उसमें भिन्नता पाई जाती है तो उनकी भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की गई है।
जो भी कार्य संपादित हुए हैं पूर्ण होने के बाद भी अगर उसमें किसी प्रकार की तकनीकी या फिर आर्थिक बिंदु पर भिन्नता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। क्योंकि उनके द्वारा उसकी सहमति दी गई है, अनुशंसा की गई है। यह प्रक्रिया और आदेश ए.एम.सी स्तर पर काम करने वाली समितियों पर भी लागू होंगे।

अन्य विभागों की खराब सडक़ों को भी बता दिया जाता है पीडब्ल्यूडी का
लोकनिर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि यह बात भी समीक्षा के दौरान सामने आई है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कई बड़ी और महत्वपूर्ण सडक़ें जो कि केंद्रीय लोक निर्माण मंत्रालय के अंतर्गत आती हैं जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण कहा जाता है (एन एच इ आई) के द्वारा भी प्रदेश के विभिन्न सडक़ों का निर्माण किया गया है। बहुत सी ऐसी सडक़े हैं जो रखरखाव के अभाव में और बारिश के दौरान चलने लायक नहीं बची हैं। बहुत सारी ऐसी सडक़े हैं जो स्थानीय स्तर पर नगरीय निकायों के द्वारा निर्मित की गई हैं और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी उनके अधीन है। लेकिन विपक्षी लोग हर प्रकार की सडक़ खराब होने पर पीडब्ल्यूडी विभाग के नाम से ही हंगामा खड़ा करते हैं, उसे कोसना शुरू करते हैं, जबकि इस बात की हकीकत भी नहीं जानी जाती कि आखिर जो रोड खराब हुई है वह किस विभाग के अधीन है और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। खराब सडक़ के संबंध में अगर आवाज उठाना है तो किस विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को बोलना है यह जानना भी जरूरी है। जो सडक़े खराब होती हैं उन्हें पीडब्ल्यूडी का बताकर भ्रम फैलाने का कार्य भी किया जा रहा है।

इनका कहना है
लोक निर्माण से लोक कल्याण की ओर प्रदेश अग्रसर है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत होने वाले हर कार्य की जवाबदारी और अधिक सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ाया गया है।
– राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री

काम्बिंग गश्त से नहीं बच सके 223 अपराधी, एक ही रात में पहुँचे सलाखों के पीछे, लंबे समय से चल रहे थे फरार

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » Uncategorized » अब सडक़ बनाने वाले ठेकदार के साथ अनुमति देने वाले अधिकारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी
error: Content is protected !!